May 15, 2026
#Haryana News

फरीदाबाद के अस्पतालों में दूषित पानी का संकट, मरीजों को मिल रहा मानकों से कई गुना अधिक TDS वाला पानी

फरीदाबाद: जिले के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। जांच में सामने आया है कि कई अस्पतालों में मरीजों को मानकों से कई गुना अधिक TDS (टोटल डिसॉल्व्ड सॉलिड्स) वाला पानी दिया जा रहा है, जबकि अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अलग से बेहतर गुणवत्ता वाला पानी उपलब्ध है।

दैनिक जागरण की जांच के दौरान तीन नंबर स्थित Employees’ State Insurance Corporation (ESIC) अस्पताल, जिला नागरिक अस्पताल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय और ईएसआई हेल्थ केयर विभाग के कार्यालयों में पानी की गुणवत्ता की जांच की गई। रिपोर्ट में बड़ा अंतर सामने आया।

विशेषज्ञों के अनुसार पीने के पानी में TDS की मात्रा 150 से कम होनी चाहिए, लेकिन नागरिक अस्पताल और मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में सप्लाई हो रहे पानी में TDS का स्तर 534 पाया गया। वहीं तीन नंबर स्थित ESIC मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में यह स्तर 407 दर्ज किया गया।

इसके विपरीत ESIC मेडिकल कॉलेज के डीन कार्यालय में उपलब्ध पानी का TDS केवल 68 पाया गया, जिससे साफ हुआ कि अधिकारियों के लिए बेहतर गुणवत्ता का पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।

हालांकि पांच नंबर स्थित ESI डिस्पेंसरी नंबर-3 में स्थिति बेहतर पाई गई। यहां मरीजों और स्टाफ दोनों को समान गुणवत्ता वाला पानी दिया जा रहा है और जांच में TDS का स्तर केवल 56 पाया गया।

ईएसआई हेल्थ केयर विभाग की सिविल सर्जन Pooja Bhardwaj ने कहा कि विभाग नियमित रूप से महीने में दो बार पानी की जांच करवाता है और गुणवत्तापूर्ण पानी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

वहीं ESIC मेडिकल कॉलेज के डीन Kalidas Dattatreya Chavan ने कहा कि पानी की दोबारा जांच करवाई जाएगी और यदि कोई कमी पाई गई तो उसे तुरंत ठीक किया जाएगा।

फोर्टिस अस्पताल के पेट रोग विशेषज्ञ B D Pathak ने चेतावनी देते हुए कहा कि अधिक TDS वाला पानी पेट संक्रमण, पाचन संबंधी समस्याएं और किडनी पर बुरा असर डाल सकता है। उन्होंने लोगों को केवल शुद्ध पानी पीने की सलाह दी।