चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित केमिस्ट जानकी दास हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस ने पाकिस्तान से जुड़े कथित नार्को-टेरर और नकली भारतीय मुद्रा (FICN) नेटवर्क का बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता धरमिंदर सिंह उर्फ गोली, जो फिलहाल कपूरथला जेल में बंद है, को पूछताछ के लिए प्रोडक्शन वारंट पर लाया जाएगा।
चंडीगढ़ पुलिस ने पंजाब के तरनतारन और अमृतसर में छापेमारी के दौरान 3.028 किलोग्राम आईसीई (मेथामफेटामाइन), करीब 8 लाख रुपये के नकली भारतीय नोट, दो अत्याधुनिक पिस्तौल और मैगजीन बरामद किए हैं। जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान और विदेश में बैठे हैंडलर ड्रोन के जरिए पंजाब सीमा पर हथियार, नशीले पदार्थ और नकली नोट भेजते थे, जबकि स्थानीय नेटवर्क इनके वितरण का काम करता था। आरोपी आपस में संपर्क के लिए एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल करते थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आकाश कुमार उर्फ मणि, गुरमीत सिंह उर्फ बादशाह और सचिन सिल्वेस्टर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आकाश के कब्जे से आईसीई और नकली नोट बरामद हुए, जबकि गुरमीत और सचिन से अत्याधुनिक पिस्तौल बरामद की गई। जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी धरमिंदर सिंह उर्फ गोली जेल में रहते हुए पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था। उसके खिलाफ हत्या, जबरन वसूली और एनडीपीएस एक्ट सहित 32 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने कहा है कि पूरे नेटवर्क, विदेशी कनेक्शन और अन्य आरोपियों की तलाश में जांच जारी है।

