चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (CHB) की सेक्टर-53 सामान्य आवास योजना एक बार फिर संकट में आ गई है। करीब एक दशक से लंबित इस परियोजना को बंद करने के प्रस्ताव पर बुधवार को होने वाली बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में अंतिम फैसला लिया जाएगा। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो यह योजना तीसरी बार रद्द हो जाएगी।
सेक्टर-53 की करीब 9 एकड़ भूमि पर 372 फ्लैट्स (192 HIG, 100 MIG और 80 EWS) बनाने की योजना थी। वर्ष 2024 में दोबारा मंजूरी मिलने के बाद इसे 2025 में लॉन्च करने की तैयारी शुरू हुई थी। हालांकि, प्रशासन ने भूमि के बेहतर उपयोग, ग्रुप हाउसिंग साइट के रूप में बिक्री, एफएआर बढ़ाने और परियोजना को आर्थिक रूप से अधिक व्यवहार्य बनाने जैसे विकल्पों पर विचार करने के निर्देश दिए थे। इन्हीं निर्देशों के आधार पर अब योजना को औपचारिक रूप से बंद करने का प्रस्ताव रखा गया है।
गौरतलब है कि मार्च 2025 में हुए डिमांड सर्वे में इस योजना को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी। 372 फ्लैट्स के लिए 7,468 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिससे शहर में किफायती आवासों की मजबूत मांग सामने आई थी। इसके अलावा बोर्ड की बैठक में सेक्टर-51ए की सेल्फ फाइनेंसिंग हाउसिंग स्कीम के तहत बने 200 फ्लैट्स पर लागू 10 वर्ष की लॉक-इन अवधि को घटाकर 5 वर्ष करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की जाएगी।

