May 12, 2026
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श्रीमद् भागवत कथा में डूबा बघौला, ‘राधे-राधे’ के जयकारों से बना वृंदावन जैसा माहौल

पलवल के गांव बघौला में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ने पूरे क्षेत्र को भक्ति के रंग में रंग दिया है। कथा के तीसरे दिन बाल व्यास Chiranjiv Gopal Bhardwaj ने अपनी मधुर वाणी में सृष्टि की उत्पत्ति और भक्ति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक भाव में डुबोए रखा।

कथा के दौरान उन्होंने ध्रुव जी की प्रेरणादायक कथा सुनाई और बताया कि सच्ची श्रद्धा और अटूट विश्वास से जीवन में बड़ी से बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है। ध्रुव की तपस्या और भगवान के प्रति समर्पण ने उन्हें विशेष स्थान दिलाया, जो आज भी भक्तों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

यह धार्मिक आयोजन गांव की पूर्व सरपंच मूर्ति देवी की स्मृति में उनके परिवार—मदन गोपाल (मन्नी), घनश्याम, लीलंत और दिनेश—द्वारा कराया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान भजनों और संकीर्तन ने माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया, जहां श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए।

“राधे-राधे” और “जय श्री कृष्ण” के गूंजते जयकारों से पूरा पंडाल भक्तिरस में सराबोर हो गया। भगवान विष्णु और ध्रुव जी की मनमोहक झांकियों ने उपस्थित लोगों का मन जीत लिया। ऐसा प्रतीत हुआ मानो बघौला नगरी ही वृंदावन में परिवर्तित हो गई हो।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया।