एक शहीद सैनिक की पत्नी ने खुद को भारतीय सेना का अधिकारी बताने वाले एक व्यक्ति और उसके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने फर्जी सैन्य अधिकारी बनकर पहले उनका विश्वास जीता, फिर यौन शोषण, ब्लैकमेल और करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया। मामले में पीड़िता ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
कानपुर निवासी पीड़िता ने चंडीगढ़ प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि उनके पति चार वर्ष पहले राजस्थान के सूरतगढ़ में ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए थे। पति की शहादत के बाद पंचकूला निवासी एक युवक ने स्वयं को उनके पति का करीबी परिचित और भारतीय सेना में कर्नल बताकर उनसे संपर्क किया। आरोपी ने लंबित डेथ क्लेम दिलाने का भरोसा देकर उनका विश्वास हासिल किया।
महिला के अनुसार, आरोपी ने उन्हें कई बार काम के बहाने बुलाया। एक बार मोहाली स्थित सैनिक रेस्ट हाउस में फौजी वर्दी पहनकर मिला, जबकि बाद में पंचकूला के एक होटल में बुलाकर कथित रूप से खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया। पीड़िता का आरोप है कि होश आने पर उन्हें अपने साथ दुष्कर्म होने का एहसास हुआ। इसके बाद आरोपी ने कथित आपत्तिजनक तस्वीरें दिखाकर उन्हें ब्लैकमेल किया और करीब डेढ़ वर्ष तक धमकियों के जरिए लगभग पौने दो करोड़ रुपये वसूल लिए।
पीड़िता ने बताया कि बाद में उन्होंने मिलिट्री पुलिस से संपर्क किया, जहां से उन्हें स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पूछताछ के दौरान सामने आया कि आरोपी के खिलाफ पहले भी गंभीर आपराधिक मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। महिला का दावा है कि आरोपी फर्जी सैन्य पहचान पत्र और वर्दी का इस्तेमाल करता था तथा खुद को प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से जुड़ा बताकर लोगों को गुमराह करता था।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच के बाद कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

