चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों और श्रमिकों से जुड़े विभिन्न कानूनों को एकीकृत करते हुए ‘कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी (हरियाणा) रूल्स 2026’ का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। नए नियमों के तहत ग्रेच्युटी भुगतान की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।
अब कर्मचारी, नामित व्यक्ति या कानूनी वारिस ऑनलाइन या स्पीड पोस्ट के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।
💼 फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को भी मिलेगा ग्रेच्युटी लाभ
नए ड्राफ्ट के अनुसार, फिक्स्ड टर्म (निश्चित अवधि) पर काम करने वाले कर्मचारी भी कम से कम एक वर्ष की सेवा पूरी करने पर ग्रेच्युटी पाने के पात्र होंगे।
यदि अतिरिक्त सेवा छह महीने से अधिक होगी तो उसे एक अतिरिक्त वर्ष माना जाएगा।
📑 ये भत्ते वेतन का हिस्सा नहीं माने जाएंगे
सरकार ने स्पष्ट किया है कि मेडिकल खर्च प्रतिपूर्ति, क्रेच अलाउंस, इंटरनेट-टेलीफोन रिइंबर्समेंट, मील वाउचर और स्टॉक ऑप्शन को वेतन का हिस्सा नहीं माना जाएगा।
🖥️ सभी रिकॉर्ड अब होंगे ऑनलाइन
ड्राफ्ट नियमों के तहत सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों और संस्थानों का पंजीकरण अब श्रम विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन किया जाएगा।
यदि आवेदन के सात दिनों के भीतर रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया, तो इसे स्वतः स्वीकृत माना जाएगा।
⚠️ गलत जानकारी देने पर रजिस्ट्रेशन रद्द
सरकार ने सख्त प्रावधान भी जोड़े हैं। यदि कोई संस्थान गलत जानकारी देकर रजिस्ट्रेशन प्राप्त करता है, तो उसका पंजीकरण रद्द किया जा सकेगा।
साथ ही, यदि कोई प्रतिष्ठान 24 महीने तक पोर्टल पर अनुपालन रिपोर्ट जमा नहीं करता, तो उसका रजिस्ट्रेशन स्वतः समाप्त माना जाएगा।
👩🏭 महिला कर्मचारियों के लिए विशेष प्रावधान
नए नियमों के तहत नियोक्ताओं को महिला कर्मचारियों का विस्तृत रिकॉर्ड रखना होगा, जिसमें नियुक्ति, कार्य का प्रकार, गर्भावस्था की सूचना, मातृत्व लाभ और मेडिकल अवकाश जैसी जानकारी शामिल होगी।
📢 45 दिन में मांगे गए सुझाव
हरियाणा सरकार ने इस ड्राफ्ट पर आम लोगों, संगठनों और कर्मचारियों से 45 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। सुझाव ई-मेल के जरिए भी भेजे जा सकेंगे।

