Yamuna River क्षेत्र में कथित अवैध रेत खनन को लेकर Samalkha के गांवों में किसानों का गुस्सा भड़क उठा। रविवार को राक्सेड़ा समेत आसपास के पांच गांवों—हथवाला, कारकौली, बुढ़नपुर और सिम्बलगढ़—के ग्रामीणों ने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
किसानों का आरोप है कि क्षेत्र में अवैध खनन खुलेआम जारी है और बड़े-बड़े ट्रक दिन-रात गांवों से गुजर रहे हैं, जिससे हादसों का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि वे कई बार प्रशासन और प्रदेश के खनन मंत्री तक शिकायत कर चुके हैं, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं।
⚠️ प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर मिलीभगत और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही, जिससे खनन माफिया के हौसले बुलंद हैं।
🌾 किसानों ने यह भी बताया कि पिछले वर्षों में अवैध खनन के कारण सैकड़ों एकड़ जमीन यमुना के कटाव में समा चुकी है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। अब दोबारा वही हालात बनने से लोगों में गहरी नाराजगी है।
👉 किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अवैध खनन पर रोक नहीं लगाई गई, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और खनन पर तुरंत रोक लगाने की मांग की गई है।

