हरियाणा में ठोस कचरा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए हिसार, अंबाला, फरीदाबाद और गुरुग्राम क्लस्टर में चार एकीकृत वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इन परियोजनाओं की कुल क्षमता रोजाना करीब 5,000 टन कचरे के प्रसंस्करण और 50 मेगावाट बिजली उत्पादन की होगी।
राज्य सरकार ने Oil Green Energy Limited के साथ समझौते किए हैं। परियोजनाओं के अक्टूबर 2028 तक चालू होने की उम्मीद है। सरकार के अनुसार इन संयंत्रों से कचरा निपटान और शहरी स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर करने में मदद मिलेगी।
संबंधित विभाग और अधिकारी उपलब्ध रिकॉर्ड तथा तथ्यों की जांच कर रहे हैं। नागरिकों से अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करने और आधिकारिक जानकारी को प्राथमिकता देने की अपील की जा रही है।
आगे की प्रक्रिया जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर तय की जाएगी। अधिकारियों ने नियमों के अनुसार कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
मामले से जुड़े अन्य विवरण भी संबंधित विभागों की जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर आवश्यक प्रक्रिया जारी है।

