ब्रजभूमि में एक ऐतिहासिक और अलौकिक दृश्य देखने को मिला, जब श्री गिरिराज महाराज को 21 किलोमीटर से अधिक लंबी दिव्य पगड़ी (साफा) अर्पित की गई। श्रद्धा, भक्ति और समर्पण का यह अनूठा आयोजन कलयुग के इतिहास में पहली बार होने का दावा किया जा रहा है, जिसने हजारों श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
यह विशेष सेवा पुराण मनीषी परम पूज्य श्री कौशिक जी महाराज के सानिध्य एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुई। विशाल दिव्य साफा गोवर्धन परिक्रमा मार्ग से होते हुए श्रद्धालुओं द्वारा गिरिराज महाराज के चरणों में समर्पित किया गया। इस दौरान पूरा क्षेत्र “गिरिराज धरण की जय” और “जय गोवर्धन लाल की” के जयघोषों से गूंज उठा।
भक्तों का मानना है कि यह केवल एक रिकॉर्ड या आयोजन नहीं, बल्कि श्री गिरिराज महाराज के प्रति अटूट श्रद्धा और प्रेम का प्रतीक है। इस अनोखे धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और स्वयं को इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने का सौभाग्यशाली माना।
धार्मिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से इस आयोजन को विशेष महत्व दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं के अनुसार, इस प्रकार की सेवा आने वाली पीढ़ियों के लिए भी आस्था और समर्पण का प्रेरणास्रोत बनेगी।

