हरियाणा के भिवानी में दिवंगत शिक्षिका मनीषा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर उनके पिता संजय कुमार सोमवार को आमरण अनशन पर बैठ गए। वे जिला उपायुक्त (DC) कार्यालय के बाहर अनशन करना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें कुड़ल बास गांव के पास रोक दिया। पुलिस का कहना था कि अनशन के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई थी।
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद ग्रामीणों ने मौके पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कई महिलाएं सड़क पर बैठ गईं, जबकि किसान संगठनों और स्थानीय लोगों ने भी धरने का समर्थन किया। स्थिति को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया।
मनीषा के पिता संजय कुमार ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी की मौत को 10 महीने बीत चुके हैं, लेकिन मामले की जांच कर रही CBI अब तक यह स्पष्ट नहीं कर पाई कि उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। उन्होंने कहा कि जब तक मामले में न्याय नहीं मिलता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं कांग्रेस और किसान संगठनों ने भी सरकार पर निष्पक्ष जांच में देरी का आरोप लगाते हुए पीड़ित परिवार के आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की।

