July 14, 2026
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गुडगांव कैनाल से पानी चोरी का असर: 12 गांवों की 15 हजार एकड़ जमीन सैम से प्रभावित

हरियाणा के हथीन उपमंडल के 12 से 13 गांवों की करीब 15 हजार एकड़ कृषि भूमि लंबे समय से सैम (जलभराव और लवणीयता) की समस्या से जूझ रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसका मुख्य कारण बरसाती पानी नहीं, बल्कि गुडगांव कैनाल से अवैध रूप से पाइपलाइन डालकर पानी की चोरी और उससे भरे जाने वाले मछली तालाबों से होने वाला रिसाव है।

गांव छायसां के पूर्व सैनिक रामेश्वर सिंह के अनुसार उनकी 20 एकड़ जमीन भी इस समस्या से प्रभावित है। उनका कहना है कि गुडगांव कैनाल के किनारे मंडकौला, कानौली, स्यारौली, मंढनाका, रीबड़, अकबरपुर नाटौल, बिघावली, हुंचपुरी, मीरपुर, महलूका और रनसीका समेत कई गांवों की हजारों एकड़ भूमि जलभराव की चपेट में है।

स्थानीय लोगों का दावा है कि नहर से पानी चोरी करने के लिए करीब 700 अवैध पाइपलाइन, 80 इंजन और 8 ट्यूबवेल लगाए गए हैं। इस पानी का उपयोग मछली पालन के लिए बनाए गए तालाबों को भरने में किया जाता है। तालाबों से लगातार होने वाले रिसाव के कारण आसपास की कृषि भूमि में जलभराव और सैम की समस्या बढ़ती जा रही है।

पीड़ित किसानों का आरोप है कि पिछले 15 वर्षों में उन्होंने डीएम, मुख्यमंत्री, सीएम विंडो और सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित 37 स्थानों पर शिकायतें दीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका यह भी आरोप है कि अवैध पानी खींचने वालों से मासिक वसूली की जाती है और शिकायत करने वालों को धमकाया जाता है।

करीब 10 वर्ष पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सरकार ने भूजल निकालकर नहर में डालने के लिए 50 बोरवेल बनवाए थे, जिन पर करोड़ों रुपये खर्च हुए। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि इन बोरवेलों से आज तक एक बूंद पानी भी नहीं निकाला गया और पूरी योजना निष्प्रभावी साबित हुई।