हरियाणा राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण यानी HSVP के तीन वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। द ट्रिब्यून की 27 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई आयोग के पुराने आदेश का पालन न होने से जुड़े मामले में की गई।
जिन अधिकारियों के खिलाफ यह कार्रवाई हुई है उनमें पंचकूला में तैनात HSVP के मुख्य प्रशासक के अलावा गुरुग्राम के प्रशासक और एस्टेट ऑफिसर-II शामिल हैं। आयोग ने यह कदम एक 84 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक अशोक महाजन की ओर से दायर निष्पादन याचिका पर सुनवाई के दौरान उठाया।
याचिका में आरोप लगाया गया कि HSVP ने 2019 में दिए गए आयोग के आदेश के बावजूद विकास से जुड़े कामों को पूरा नहीं किया। आयोग की पीठ ने मामले में आदेश की अनुपालना नहीं होने को गंभीरता से लिया और इसके बाद अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई।
मामला उपभोक्ता आयोग के निर्देशों और सरकारी विकास प्राधिकरणों की जवाबदेही से जुड़ा है। ऐसे मामलों में समय पर आदेश लागू करना और शिकायतकर्ता को राहत उपलब्ध कराना प्रशासनिक प्रक्रिया का अहम हिस्सा होता है।
अब अधिकारियों को जारी किए गए वारंट के बाद मामले की अगली कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी। आयोग के आदेश की पालना और संबंधित विकास कार्यों की स्थिति आगे की कार्रवाई में महत्वपूर्ण रहेगी।

