हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की जारी हड़ताल का मुद्दा बुधवार को विधानसभा के मानसून सत्र में भी प्रमुखता से उठा। कांग्रेस विधायकों ने इस विषय पर चर्चा की मांग की, जबकि सरकार की ओर से कहा गया कि कर्मचारियों की 13 में से 12 मांगों को स्वीकार किया जा चुका है।
शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने सदन में सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की नियमितीकरण की मांग पर कानूनी राय ली जा रही है, जबकि अन्य मांगों पर सरकार की ओर से सहमति बनने की बात कही गई है।
कांग्रेस ने हड़ताल के कारण पैदा हुई समस्याओं और कर्मचारियों की मांगों पर विधानसभा में विस्तृत चर्चा की मांग की। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने कांग्रेस के स्थगन प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद सदन में पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
सामाजिक न्याय मंत्री कृष्ण बेदी ने विपक्ष पर वाल्मीकि समुदाय को बदनाम करने का आरोप लगाया। इस बयान पर भी कांग्रेस सदस्यों ने आपत्ति जताई और सफाई कर्मचारियों के मुद्दे को लेकर सरकार से स्पष्ट जवाब की मांग की।
हड़ताल के लंबे खिंचने से राज्य के कई शहरी क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है। अब सरकार की ओर से 12 मांगें स्वीकार किए जाने के दावे के बाद सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा नियमितीकरण की मांग और हड़ताल समाप्त कराने के लिए आगे की बातचीत का है।

