हरियाणा सरकार ने परिवार के भीतर संपत्ति के जीवनकाल में हस्तांतरण पर मिलने वाली 100 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी छूट को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। द ट्रिब्यून की 18 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार यह छूट बेटी के बच्चों यानी दौहता-दोहती और नाती-नातिन पर भी लागू होगी।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने पुराने आदेश की भाषा को स्पष्ट करने के लिए एक आधिकारिक corrigendum जारी किया। 2014 के आदेश के अंग्रेजी संस्करण में grandchildren शब्द था, लेकिन हिंदी अधिसूचना में केवल पौत्र-पौत्री शब्द होने से स्थानीय रजिस्ट्री कार्यालयों में बेटी के बच्चों के मामले को लेकर भ्रम की स्थिति बन गई थी।
अब संशोधन के बाद बेटी के बेटे और बेटी दोनों को बेटे के बच्चों के समान स्टांप ड्यूटी छूट का लाभ मिलेगा। सरकार के अनुसार यह बदलाव पुराने प्रावधान की कानूनी स्थिति को स्पष्ट करता है और संपत्ति हस्तांतरण के मामलों में अनावश्यक विवाद या देरी कम करने में मदद करेगा।
यह फैसला उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है जो अपने जीवनकाल में संपत्ति अपने बच्चों या पोते-पोतियों के नाम करना चाहते हैं। स्पष्टता मिलने से संबंधित राजस्व और रजिस्ट्री कार्यालयों में दस्तावेजों की प्रक्रिया को लेकर भ्रम कम होने की उम्मीद है।
सरकार की ओर से जारी स्पष्टीकरण का उद्देश्य पुराने आदेश की व्याख्या को एकरूप बनाना है। अब बेटी के बच्चों को भी वही लाभ मिलने से संपत्ति हस्तांतरण में लैंगिक समानता से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अंतर स्पष्ट रूप से दूर किया गया है।