हरियाणा के हिसार रोडवेज डिपो में कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। रोडवेज हिसार डिपो के महाप्रबंधक की नीतियों के खिलाफ कर्मचारियों का धरना बुधवार को लगातार छठे दिन भी जारी रहा। साझा संघर्ष समिति ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 24 मई तक उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो 25 मई को डिपो का मुख्य गेट पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
धरने की अध्यक्षता अमित जुगलान ने की, जबकि मंच संचालन जितेंद्र शर्मा ने किया। इस दौरान कर्मचारियों की एक अहम बैठक भी हुई, जिसमें आंदोलन को और तेज करने की रणनीति तैयार की गई।
कर्मचारियों ने घोषणा की कि 25 मई को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक हिसार रोडवेज डिपो का मुख्य गेट बंद रखा जाएगा। कर्मचारियों ने साफ कहा कि यदि स्थिति बिगड़ती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और महाप्रबंधक की होगी।
धरना स्थल पर कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी कर रहा है और लंबे समय से लंबित मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। कर्मचारियों का कहना है कि अब वे अपने अधिकारों के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने को मजबूर हैं।
इस आंदोलन को समर्थन देने के लिए तोशाम सब-डिपो के कर्मचारी और बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त कर्मचारी भी धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने संघर्ष समिति को अपना पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया।
धरने में अनूप श्योकंद, दयानंद सरसाना, अरुण शर्मा, हनुमान जांगड़ा, बजरंग लाखा, सत्यवान सिवाच, कर्मबीर मसूदपुर, राजपाल डाटा, अजय दुहन, दर्शन जांगड़ा, रमेश यादव, पवन कन्नोह, अनूप सातरोड, रोहताश मोडाखेड़ा और रोहताश कुंडू सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन को पूरे हरियाणा में व्यापक स्तर पर फैलाया जाएगा।

