चंडीगढ़: हरियाणा की राजनीति में अब मुकाबला सिर्फ चुनावी रैलियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वोटर लिस्ट को लेकर भी सियासी जंग तेज हो गई है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा हरियाणा समेत 16 राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) लागू करने की घोषणा के बाद कांग्रेस ने बड़ा संगठनात्मक कदम उठाया है।
Indian National Congress ने मतदाता सूचियों की निगरानी के लिए बनाई गई प्रदेश स्तरीय कमेटी को अब “सुपर पावर” दे दी है। पहले 7 सदस्यों वाली यह कमेटी अब 17 नेताओं की हाई-प्रोफाइल राजनीतिक टास्क फोर्स में बदल गई है। पार्टी का साफ संदेश है कि इस बार वोटर लिस्ट पर बूथ स्तर तक पैनी नजर रखी जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व मुख्य संसदीय सचिव Ramkishan Gujjar के नाम को लेकर हो रही है। नई सूची से उनका नाम पूरी तरह गायब है। राजनीतिक गलियारों में इसे राज्यसभा चुनाव के दौरान हुए कथित क्रॉस वोटिंग विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। उनकी पत्नी और नारायणगढ़ विधायक शैली चौधरी पर भी क्रॉस वोटिंग के आरोप लगे थे।
हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष Rao Narender Singh ने शनिवार को कमेटी विस्तार की घोषणा करते हुए चुनावी रणनीति का बड़ा संकेत दिया। इस कमेटी में पूर्व मुख्यमंत्री Bhupinder Singh Hooda, विधायक भारत भूषण बतरा, जितेंद्र बघेल, प्रफुल्ला गुढहे और एडवोकेट रणधीर सिंह राणा समेत कई वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है।
नई टीम में पूर्व स्पीकर अशोक अरोड़ा, विधायक आफताब अहमद, विधायक चंद्र प्रकाश, कुलदीप शर्मा, करण सिंह दलाल, डॉ. एमएल रंगा, धर्मबीर गोयत, रिटायर्ड IAS विनय यादव, बिजेंद्र रंगा, मोहन ढिल्लों और सुरेंद्र शर्मा जैसे नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस इस बार बूथ स्तर पर कोई चूक नहीं चाहती। पार्टी को लगता है कि आने वाले चुनावों में वोटर लिस्ट और बूथ मैनेजमेंट सबसे अहम भूमिका निभाएंगे। यही वजह है कि संगठन से लेकर जमीनी स्तर तक पूरा ढांचा एक्टिव मोड में लाया जा रहा है।

