गुरुग्राम में साइबर पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का खुलासा करते हुए इजरायली साइबर सिंडिकेट से जुड़े फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने एक महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो हजारों लोगों को डिजिटल ठगी का शिकार बना रहे थे।
जानकारी के मुताबिक, इजरायल के साइबर सिंडिकेट ने दुबई में काम करने वाली भारतीय महिला के जरिए गुरुग्राम में फर्जी कॉल सेंटर का सेटअप तैयार कराया था। साइबर पुलिस ने सेक्टर-65 स्थित एमराल्ड प्लाजा में छापेमारी कर चार सिम बॉक्स बरामद किए, जिनमें से दो सक्रिय हालत में मिले। एक सिम बॉक्स में 72 सिम कार्ड लगे हुए थे, जिनके जरिए विदेश से आने वाली कॉल्स को भारतीय नंबरों में बदलकर लोगों तक पहुंचाया जाता था।
पुलिस जांच में सामने आया कि झज्जर के दरियापुर गांव निवासी मनोज इस फर्जी कॉल सेंटर का संचालन कर रहा था। वहीं झज्जर की रहने वाली तमन्ना ने दुबई में रहते हुए इजरायली सिंडिकेट से संपर्क किया और पूरे नेटवर्क को सेटअप करने में मदद की।
साइबर पुलिस के अनुसार, तमन्ना चार साल पहले स्टडी वीजा पर दुबई गई थी। वहीं उसकी मुलाकात इजरायल के एक युवक से हुई, जिसने उसे गुरुग्राम में कॉल सेंटर शुरू करने के लिए करीब 7 लाख रुपये दिए। इसके बाद मनोज ने “टिकल एआई” नाम से कंपनी बनाकर मार्च 2026 में सेंटर शुरू किया।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि सिम बॉक्स के जरिए हर दिन करीब 72 हजार कॉल भारतीय लोगों को की जा रही थीं। विदेश में बैठे ठग निवेश योजनाओं और “डिजिटल अरेस्ट” जैसे तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे थे।
पुलिस ने बताया कि मार्च के अंतिम सप्ताह में “प्रतिबिंब एप” पर साइबर ठगी की 21 शिकायतें दर्ज हुई थीं, जिसके बाद तकनीकी जांच के आधार पर छापेमारी की गई। फिलहाल दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

