बाडोपट्टी टोल प्लाजा पर टोल शुल्क विवाद के दौरान शिफ्ट इंचार्ज संजय शुक्ला की मौत, मुआवजे पर बनी सहमति के बाद हुआ पोस्टमार्टम; पुलिस ने वायरल ऑडियो और पोस्ट को बताया भ्रामक
हरियाणा के बरवाला रोड स्थित बाडोपट्टी टोल प्लाजा पर टोल शुल्क को लेकर हुए विवाद में शिफ्ट इंचार्ज संजय शुक्ला की मौत के मामले में दूसरे दिन भी तनावपूर्ण माहौल बना रहा। टोल कंपनी प्रबंधन और मृतक के परिजनों के बीच मुआवजे को लेकर सहमति बनने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। वहीं, इस बीच सोशल मीडिया पर लॉरेंस गैंग के नाम से वायरल हुई पोस्ट और ऑडियो को पुलिस ने पूरी तरह फर्जी और भ्रामक बताया है।
पुलिस के अनुसार, सोमवार देर रात स्कॉर्पियो सवार कुछ युवकों और टोल कर्मचारियों के बीच 130 रुपये के टोल शुल्क को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद के दौरान युवकों ने वाहन से शिफ्ट इंचार्ज संजय शुक्ला को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद टोल कर्मचारियों और परिजनों में भारी आक्रोश फैल गया।
मामले को शांत कराने के लिए टोल कंपनी प्रबंधन ने मृतक के परिवार को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने पर सहमति जताई। समझौते के अनुसार, 10 लाख रुपये तीन दिनों के भीतर मृतक की पत्नी के खाते में जमा किए जाएंगे, जबकि शेष 10 लाख रुपये तीन महीने के भीतर दिए जाएंगे। इसके बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हो गए।
इसी दौरान बुधवार सुबह सोशल मीडिया पर एक पोस्ट और ऑडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर लॉरेंस गैंग के नाम से संजय शुक्ला की हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया। वायरल संदेश में कुछ व्यक्तियों के नाम भी लिए गए, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।
हालांकि, पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने वायरल पोस्ट और ऑडियो को पूरी तरह फर्जी करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रारंभिक जांच में ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया है, जिससे इस घटना का किसी गैंगस्टर या लॉरेंस गैंग से संबंध साबित होता हो। एसपी ने कहा कि आरोपी मृतक संजय शुक्ला को जानते तक नहीं थे, इसलिए वायरल दावे पूरी तरह निराधार हैं।
एसपी सिद्धांत जैन ने बताया कि हत्या के आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस सभी तकनीकी और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है तथा जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अपुष्ट संदेशों और ऑडियो पर विश्वास न करें तथा किसी भी भ्रामक जानकारी को साझा करने से बचें। मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाएगा।

