June 24, 2026
#Haryana News

फोन का पासवर्ड नहीं बताया, 143 करोड़ रुपये का अब भी पता नहीं: AAP नेता दीपक सिंगला को

पंचकूला की विशेष ईडी अदालत ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता दीपक सिंगला की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने माना कि बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच अभी जारी है और कथित तौर पर गबन किए गए करीब 143 करोड़ रुपये का अब तक पता नहीं चल पाया है।

दीपक सिंगला, जो AAP के गोवा प्रभारी हैं और 2020 व 2025 में दिल्ली के विश्वास नगर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं, को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 18 मई को गिरफ्तार किया था।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला 8 मई 2018 को दर्ज एक बैंक धोखाधड़ी केस से जुड़ा है। सीबीआई के अनुसार महेश टिंबर प्राइवेट लिमिटेड ने कथित तौर पर विदेशी लेटर ऑफ क्रेडिट (FLC) में हेराफेरी कर बैंक को करीब 155.21 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया।

बाद में ED ने सितंबर 2019 में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। एजेंसी का आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए 21.47 करोड़ रुपये की FLC राशि को बढ़ाकर 173.03 करोड़ रुपये किया गया।

ED ने अदालत में क्या कहा?

ED ने दावा किया कि हिरासत में पूछताछ के दौरान दीपक सिंगला ने ज्यादातर सवालों के स्पष्ट जवाब नहीं दिए। एजेंसी के मुताबिक उन्होंने जब्त मोबाइल फोन का पासवर्ड भी साझा नहीं किया, जबकि उसमें अहम डिजिटल सबूत होने की आशंका है।

जांच एजेंसी ने यह भी कहा कि कई संदिग्ध लेन-देन के बारे में सिंगला संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इनमें 60 लाख रुपये और 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम के ट्रांसफर शामिल हैं।

अदालत ने क्या कहा?

विशेष अदालत ने माना कि मामले में आगे की जांच अभी बाकी है और ED को जांच जारी रखने का अधिकार है। अदालत ने कहा कि इस स्तर पर आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती।

फिलहाल दीपक सिंगला की गिरफ्तारी और ED रिमांड को चुनौती देने वाली याचिका पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में लंबित है।