चंडीगढ़ को देश के सबसे सुरक्षित और व्यवस्थित शहरों में गिना जाता है, लेकिन वर्ष 2026 के शुरुआती तीन महीनों में हुई कई गंभीर आपराधिक घटनाओं ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। महज 90 दिनों के भीतर हत्या, ग्रेनेड हमला, मॉब लिंचिंग, अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क और गैंगस्टर मॉड्यूल से जुड़े मामलों ने कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
हालांकि चंडीगढ़ पुलिस ने सभी प्रमुख मामलों में तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया, लेकिन लगातार सामने आ रही घटनाओं ने सुरक्षा तंत्र की चुनौतियों को उजागर किया है।
● 18 मार्च 2026 को सेक्टर-9 में प्रॉपर्टी डीलर चरणप्रीत सिंह उर्फ चीनी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। जांच में सामने आया कि यह हत्या कथित तौर पर सुपारी देकर करवाई गई थी।
● 1 अप्रैल 2026 को सेक्टर-37 स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर हैंड ग्रेनेड हमला हुआ। जांच एजेंसियों ने इसके तार विदेशों में बैठे हैंडलर्स और पाकिस्तान समर्थित मॉड्यूल से जुड़े बताए।
● 13 जून 2026 को सेक्टर-11 स्थित एक मेडिकल स्टोर में कैशियर जानकी दास की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। भीड़भाड़ वाले बाजार में हुई इस वारदात ने पूरे शहर को झकझोर दिया।
● 14 जून 2026 को मौली जागरां में भीड़ द्वारा एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया। पुलिस ने 48 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
● 18 जून 2026 को एनसीबी और चंडीगढ़ पुलिस के संयुक्त अभियान में पाकिस्तान से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का खुलासा हुआ। ऑपरेशन के दौरान भारी मात्रा में मेथामफेटामाइन बरामद की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन घटनाओं के पीछे तीन बड़े आपराधिक नेटवर्क सक्रिय दिखाई देते हैं।
● विदेशों में बैठे गैंगस्टरों द्वारा संचालित गैंग नेटवर्क।
● सुपारी किलिंग और संगठित अपराध से जुड़े गिरोह।
● पाकिस्तान से जुड़े ड्रग तस्करी और अंतरराष्ट्रीय नशा नेटवर्क।
जांच एजेंसियों के अनुसार सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए युवाओं को अपराधी नेटवर्क से जोड़ने की कोशिशें भी सामने आई हैं। इसके अलावा चंडीगढ़ की भौगोलिक स्थिति, तीन राज्यों की सीमाओं से जुड़ाव और आर्थिक गतिविधियों का केंद्र होने के कारण अपराधी इसे आसान लक्ष्य मान रहे हैं।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार चंडीगढ़ में हिंसक अपराधों के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अपराधों को सुलझाने के साथ-साथ उन्हें रोकने पर भी समान रूप से ध्यान देने की जरूरत है।
सुरक्षा विशेषज्ञों ने शहर में इंटेलिजेंस आधारित पुलिसिंग, राज्यों के बीच बेहतर समन्वय, गैंगस्टरों की आर्थिक फंडिंग पर कार्रवाई, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और आधुनिक सर्विलांस सिस्टम को मजबूत करने की आवश्यकता बताई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि हालिया घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि संगठित अपराध और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को और अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।

