हरियाणा सरकार ने शहरी इलाकों में ट्रैफिक दबाव कम करने के उद्देश्य से करीब 9,700 करोड़ रुपये के सड़क बुनियादी ढांचा पैकेज को मंजूरी दी है। इस पैकेज में पांच शहरों के आसपास बाईपास विकसित करने और राज्य में रिंग रोड तथा राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़े विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की योजना शामिल है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन परियोजनाओं के लिए वित्तीय मॉडल को अंतिम रूप देने पर चर्चा की गई। सरकार का मुख्य उद्देश्य उन राष्ट्रीय राजमार्गों पर दबाव कम करना है जो घनी आबादी वाले शहरों और कस्बों से होकर या उनके आसपास से गुजरते हैं।
मंजूर योजनाओं में हिसार, कुरुक्षेत्र-लाडवा, नारनौल, जींद और सोहना-पलवल बाईपास शामिल हैं। लगभग 11 किलोमीटर लंबा नारनौल सिटी बाईपास NH-148B से जोड़े जाने की योजना है। ऐसे मार्गों से स्थानीय यातायात और लंबी दूरी के वाहनों के बीच होने वाले टकराव को कम करने की उम्मीद है।
सरकार ने एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों और कस्बों के बाहर रिंग रोड तथा राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास की नीति पर भी जोर दिया है। इससे शहरों के अंदर से गुजरने वाले भारी और तेज यातायात को वैकल्पिक मार्ग मिलने की संभावना है, जिससे जाम और यात्रा समय दोनों में कमी आ सकती है।
इन परियोजनाओं का असर केवल यातायात प्रबंधन तक सीमित नहीं रहेगा। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से औद्योगिक क्षेत्रों, कृषि बाजारों और शहरों के बीच आवाजाही आसान होने की उम्मीद है। अब परियोजनाओं के वित्तीय और क्रियान्वयन पक्ष को आगे बढ़ाने के साथ अलग-अलग बाईपास के निर्माण की अगली प्रक्रिया पर काम किया जाएगा।

