हरियाणा सरकार ने प्रदेश के लाखों भवन निर्माण श्रमिकों को बड़ी राहत देते हुए लगभग एक वर्ष से बंद पड़े श्रमिक रजिस्ट्रेशन पोर्टल को दोबारा शुरू कर दिया है। अब श्रमिकों का पंजीकरण और नवीनीकरण नए नियमों तथा सख्त सत्यापन प्रक्रिया के तहत किया जाएगा।
श्रम विभाग ने पिछले वर्ष जून में कार्य पर्चियों (वर्क स्लिप) की जांच के लिए पोर्टल बंद कर दिया था। इसके चलते बड़ी संख्या में श्रमिक शिक्षा सहायता, विवाह सहायता, मातृत्व लाभ, चिकित्सा सहायता, पेंशन और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने से वंचित हो गए थे। लंबे समय से श्रमिक संगठन और लाभार्थी पोर्टल को दोबारा शुरू करने की मांग कर रहे थे।
विभागीय जांच के दौरान बड़ी संख्या में फर्जी और अपात्र पंजीकरण सामने आए। लगभग एक वर्ष तक चली जांच के बाद केवल पात्र और सत्यापित श्रमिकों के पंजीकरण को मान्य माना गया है। जांच पूरी होने के बाद विभाग ने पात्र श्रमिकों को सूचना संदेश भी भेजे हैं।
नए नियमों के अनुसार मनरेगा में पंजीकृत श्रमिक भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक योजना के तहत पंजीकरण नहीं करा सकेंगे। वहीं पात्र श्रमिक और नए आवेदक सरपंच द्वारा जारी प्रमाण-पत्र तथा नियोक्ता के सत्यापन के आधार पर अपना पंजीकरण करवा सकेंगे।
गौरतलब है कि श्रम विभाग में सामने आए करीब 1,500 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के बाद पोर्टल को बंद कर दिया गया था। आरोप थे कि फर्जी लाभार्थियों के नाम पर बड़ी मात्रा में सरकारी राशि निकाली गई थी। इसके बाद विभाग ने व्यापक जांच शुरू कर पंजीकरण प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी।
अब पोर्टल दोबारा शुरू होने से वास्तविक और पात्र श्रमिकों के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने का रास्ता फिर से खुल गया है। श्रम विभाग का कहना है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य पारदर्शिता सुनिश्चित करना और सरकारी सहायता को केवल जरूरतमंद एवं पात्र श्रमिकों तक पहुंचाना है।

