हरियाणा सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के मूल्यांकन सिस्टम में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। अब कर्मचारियों के कामकाज का आकलन पारंपरिक फाइलों और औपचारिक रिपोर्टों के बजाय उनकी डिजिटल परफॉर्मेंस के आधार पर किया जाएगा।
राज्य सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए पारंपरिक एसीआर (वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट) प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और परिणाम आधारित बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।
🏅 ‘ऑनर बोर्ड’ पर दिखेगी कर्मचारियों की रैंकिंग
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अब अधिकारियों और कर्मचारियों का मूल्यांकन मापने योग्य परिणामों के आधार पर होगा। इसके लिए मुख्य सचिव की वेबसाइट पर एक विशेष “ऑनर बोर्ड” बनाया जाएगा, जहां कर्मचारियों और अधिकारियों की प्रदर्शन आधारित रैंकिंग प्रदर्शित की जाएगी।
यह रैंकिंग राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर तक दिखाई जाएगी। नई व्यवस्था में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को सम्मान मिलेगा, जबकि कमजोर प्रदर्शन करने वालों को भी चिन्हित किया जाएगा। इससे सरकारी तंत्र में प्रतिस्पर्धा और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।
💻 अप्रैल 2027 से खत्म होगी मैनुअल ACR
सरकार ने साफ कर दिया है कि अप्रैल 2027 से पारंपरिक मैनुअल एसीआर व्यवस्था पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। इसके बाद सभी मूल्यांकन डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से होंगे।
एनआईसी और तकनीकी टीम मिलकर ऐसा ऑनलाइन सिस्टम तैयार करेगी, जो कर्मचारियों के दैनिक कार्य, उपलब्धियों और प्रदर्शन को सीधे एसीआर से जोड़ेगा। यह सिस्टम HRMS पोर्टल से भी इंटीग्रेट रहेगा, जिससे कर्मचारियों की कार्यप्रणाली का रियल टाइम आकलन किया जा सकेगा।
📋 लंबित ACR मामलों पर सख्ती
सरकार ने सभी विभागों, बोर्डों, निगमों और विश्वविद्यालयों से उन अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची मांगी है, जिनके स्तर पर एसीआर सबसे ज्यादा लंबित हैं। सरकार का उद्देश्य वर्षों से लंबित गोपनीय रिपोर्टों की समस्या को खत्म करना और समयबद्ध मूल्यांकन सुनिश्चित करना है।
🏢 सरकारी सिस्टम में दिखेगा कॉरपोरेट कल्चर
नई डिजिटल एसीआर व्यवस्था को सरकारी तंत्र में “कॉरपोरेट स्टाइल परफॉर्मेंस मॉडल” के रूप में देखा जा रहा है। अब कर्मचारियों की पहचान केवल पद या वरिष्ठता से नहीं, बल्कि उनके काम के परिणामों से तय होगी।
सरकार का मानना है कि इससे प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, पारदर्शिता मजबूत होगी और कर्मचारियों में बेहतर कार्य संस्कृति विकसित होगी।

